लाइसेंसिंग | एईआरबी
Source: http://www.aerb.gov.in/hindi/reg-proc/licensing
Archived: 2026-04-23 17:31
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एईआरबी का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि भारत में आयनीकारक विकिरण तथा नाभिकीय ऊर्जा के कारण लोगों के स्वास्थ्य एवं पर्यावरण को किसी भी प्रकार का अवांछित जोखिम न हो ।
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नियामक प्रक्रिया
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संरक्षा समीक्षा एवं आकलन
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नियामक निरीक्षण
प्रवर्तन
लायसेंसीकरण/अनुमति प्रदान करना
नियामक कार्य के लिये ‘अनुमति’ शब्द में ‘लायसेंस’, ‘प्राधिकरण’, ‘अनुमोदन’, ‘पंजीकरण’ तथा ‘प्रमाणन’ आदि शामिल हैं।
अनुमति प्रक्रिया में पहले नियामक आवश्यकताओं के अनुपालन की जांच के लिये संरक्षा समीक्षा की जाती है तथा संतोषजनक अनुपालन के बाद, स्थल चयन, निर्माण, कमीशनन, प्रचालन व विकमीशनन आदि विभिन्न चरणों के लिये अनुमति जारी की जाती है।
अनुमति प्रक्रिया के लिये किसी सुविधा या गतिविधि से संबंधित जोखिम के आधार पर क्रमिक विधि अपनायी जाती है। यह क्रमिक विधि, विभिन्न सुविधाओं के जोखिम स्तर के अनुरूप विभिन्न चरणों में पर्याप्त संरक्षा समीक्षा सुनिश्चित करती है।
एईआरबी, परमाणु ऊर्जा विभाग की इकाइयों में परमाणु ऊर्जा अधिनियम के खंड 23 तथा फैक्ट्रीज़ अधिनियम, 1948 के प्रावधानों को लागू करता है। अत: एईआरबी परमाणु ऊर्जा क्षेत्र में कार्यरत फैक्ट्रियों को लायसेंस जारी करता है।
विभिन्न सुविधाओं व गतिविधियों के लायसेंसीकरण से संबंधित विवरण निम्न विस्तार-शील योजकों (links) में दिया गया है।
नाभिकीय सुविधाओं का लायसेंसीकरण
नाभिकीय सुविधाओं के लायसेंसीकरण में उनके जीवनकाल के विभिन्न चरणों जैसे स्थल चयन, निर्माण, कमीशनन, प्रचालन व विकमीशनन आदि के लिये अनुमति जारी की जाती है। इन बड़े चरणों को विभिन्न उपचरणों में बांटा जाता है तथा प्रत्येक उपचरण के लिये अनुमति आवश्यक होती है।
निर्माण की अनुमति
इस चरण में प्रस्तावित नाभिकीय सुविधा की डिज़ाइन की समीक्षा भी शामिल हे। इसमें विभिन्न तंत्रों, संयंत्र विन्यास, संरचनाओं, उनके डिज़ाइन आधार, नाभिकीय तंत्रों, विद्युतीय तंत्रों, यंत्रीकरण व नियंत्रण तंत्रों, संरक्षा तंत्रों, सामान्य सेवा तंत्रों तथा अपशिष्ट निपटान तंत्रों, विकिरण संरक्षण, रेडियोसक्रिय अपशिष्ट प्रबंधन पहलुओं तथा गुणवत्ता आश्वासन आदि की डिज़ाइन समीक्षा की जाती है।
स्थल चयन की अनुमति
स्थल चयन की अनुमति के लिये प्रस्तावित नाभिकीय सुविधा के लिये स्थल की उपयुक्तता तथा इंजीनियरीकरण की क्षमता को सुनिश्चित किया जाता है। इस प्रक्रिया में स्थल सुविधा की अंतर्क्रिया (संयंत्र का स्थल पर प्रभाव तथा स्थल का संयंत्र पर प्रभाव) तथा आपाती कार्यवाही लागू करने की उपयुक्तता की समीक्षा की जाती है।
संतोषजनक समीक्षा के लिये भूतकनीकी, जलभूगर्भिकी, रेडियोसक्रियता प्रभाव का आकलन प्राकृतिक पृष्ठभूमिक विकिरण, मृदा लक्षण, आसपास के क्षेत्रों का मानचित्रण आदि; अध्ययन आवश्यक होते हैं।
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कमीशनन के लिये लायसेंस/अनुमति
कमीशनन चरण में डिज़ाइन के कार्य निष्पादन की जांच आवश्यक होती है। इस प्रक्रिया में ये परीक्षण किये जाते है कि डिज़ाइन किये गये व स्थापित तंत्र अपेक्षा के अनुरूप कार्य करते हैं। एईआरबी सुनिश्चित करता हे कि सभी संरक्षा तंत्रों व संरचनाओं की जांच व परीक्षा अनुमोदित योजना के अनुसार किया गया है। एईआरबी कमीशनन की अनुमति से पूर्व संरक्षा तंत्रों व संरचनाओं के कार्यनिष्पादन की परीक्षण रिपोर्टों की समीक्षा भी करता है।
प्रचालन लायसेंस
संतोषप्रद कमीशनन तथा सुविधा के सुरक्षित प्रचालन के लिये सभी तकनीकी व प्रशासनिक तंत्रों की उपलब्धता से आश्वस्त होने के बाद एईआरबी निर्धारित प्रतिबंधों के साथ प्रचालन लायसेंस जारी करता है। लायसेंसधारक इन्हीं प्रतिबंधों के अंतर्गत सुविधा का प्रचालन कर सकता है। संरक्षा समीक्षा व आकलन के एक अंग के रूप में लायसेंस की अवधि के दौरान भी तकनीकी व प्रशासनिक उपायों द्वारा विभिन्न पहलुओं का निरंतर मानीटरन किया जाता है। लायसेंस एक निश्चित अवधि (सामान्यत: 5 वर्ष) के लिये जारी किया जाता है। इस अवधि की समाप्ति से पहले लायसेंसधारक को एईआरबी द्वारा निर्दिष्ट आवश्यक विवरण प्रस्तुत करके लायसेंस का नवीनीकरण करवाना पड़ता है।
विकमीशनन की अनुमति
विकमीशनन का अर्थ है – सुविधा के जीवनकाल के अंत में कार्मिकों, जनता के स्वास्थ्य व संरक्षा तथा पर्यावरण संरक्षण का ध्यान रखते हुए उसे सेवा से निवृत्त कर देना अर्थात भविष्य में उसका कोई उपयोग न होना। इस कार्य में सुविधा को एक अनुमोदित रणनीति (तुरंत या विलंबित) के अनुसार विघटित करना शामिल है। कार्मिकों, जनता व पर्यावरण की संरक्षा को सुनिश्चित करने के लिये एईआरबी, सुविधा के इस चरण के लिये लायसेंस जारी करता है।
विकिरण सुविधाओं का लायसेसीकरण
मानवजाति के लिये विकिरण का लाभकारी उपयोग करनेके लिये अनेक प्रकार के स्रोतों व युक्तियों का प्रयोग किया जाता है। इन युक्तियों में जोखि़म की संभावना अलग इलग होती है; अत: अनुमति की पूर्व आवश्यकतायें भी अलग अलग होती है। अत:, सुविधा/गतिविधि में जोखिम के प्रकार के अनुसार अनुमति भी कई रूपों में जारी की जाती है। इस अनुमति प्रक्रिया में उद्देश्य निम्नलिखित हैं – केवल सामाजिक तथा/अथवा वैयक्तिक लाभ की प्रक्रियाओं की आज्ञा देना, सभी नाभिकीय/विकिरण सुविधाओं में विकिरण संरक्षा का इष्टतमीकरण, कार्मिकों व आस पास की जनता को मिलने वाली विकिरण डोज़ को निर्दिष्ट सीमा के अंदर रखना तथा दुर्घटनावश उद्भासन की संभावना को स्वीकार्य निम्न स्तर तक रखना। इस प्रक्रिया में डिज़ाइन संरक्षा परीक्षण के बाद विकिरण अनुप्रयोग की मशीनों/उपकरणों का अनुमोदन तथा सुविधा के विन्यास व परिरक्षण पर्याप्तता आदि के अनुपालन की जांच के बाद उन मशीनों/उपकरणों का प्रयोग करने वाली सुविधा को अनुमति देना शामिल है।
प्रक्रिया/सुविधा के प्रकार के आधार पर निम्न प्रकार की विभिन्न नियामक अनुमतियाँ जारी की जाती है :
निम्न सुविधाओं को लायसेंस के रूप में अनुमति जारी की जाती है –
गामा किरणन कक्षों के अतिरिक्त अन्य भूमि स्थित उच्च तीव्रता गामा किरणक;
अनुसंधान व औद्योगिक उपयोग के कणीय त्वरक;
न्यूट्रान जनित्र;
रेडियोसक्रिय पदार्थों या विकिरण जनक उपकरणों का व्यवसायिक उत्पादन करने वाली सुविधायें;
विकिरण चिकित्सा में प्रयुक्त टेलीगामा तथा त्वरक;
कंप्यूटेड टोमोग्राफी इकाईयां;
हस्तक्षेपी विकिरणी एक्स-रे इकाईयां;
औद्योगिक रेडियोग्राफी; तथा
सक्षम प्राधिकारी द्वारा समय समय पर अधिसूचित अन्य स्रोत या प्रक्रियायें।
निम्न सुविधाओं के प्राधिकार के रूप में लायसेंस जारी किया जाता है :
ब्रेकीथेरेपी;
गहरे एक्स–रे उपकरण, सतही व संपर्क चिकित्सा के एक्स–रे उपकरण;
गामा किरणन कक्ष;
नाभिकीय चिकित्सा सुविधायें;
न्यूक्लियानिक गेजों व रेडियोसक्रिय पदार्थों वाले उपभोक्ता उत्पादों के व्यवसायिक उत्पादन की सुविधायें; तथा
सक्षम प्राधिकारी द्वारा समय-समय पर अधिसूचित अन्य स्रोत या प्रक्रियायें।
निम्न सुविधाओं को पंजीकरण के रूप में लायसेंस जारी किया जाता है:
चिकित्सा अनुकारक सहित नैदानिक एक्स–रे उपकरण;
अनुसंधान में प्रयुक्त विश्लेषणात्मक एक्स–रे उपकरण;
न्यूक्लियानिेक गेज;
रेडियोइम्यूनोएस्से प्रयोगशालायें;
अनुरेखक अध्ययन के रेडियोसक्रिय स्रोत;
रेडियोसक्रिय पदार्थों के उपयोग द्वारा जैवचिकित्सा अनुसंधान; तथा
सक्षम प्राधिकारी द्वारा समय-समय पर अधिसूचित अन्य स्रोत या प्रक्रियायें।
म्न सुविधाओं को अनुमति के रूप में लायसेंस जारी किया जाता है :
विकिरण सुविधा के स्थल चयन, डिज़ाइन, निर्माण, कमीशनन, प्रचालन एवं विकमीशनन का अनुमोदन;
सीलबंद स्रोतों, विकिरण मानक उपकरणों तथा रेडियोसक्रिय स्रोत युक्त उपकरणों के उत्पादन व आपूर्ति का अनुमोदन;
रेडियोसक्रिय पदार्थों के परिवहन के लिये पैकेज़ों का अनुमोदन;
रेडियोसक्रिय प्रेषणों को भेजने का अनुमोदन; तथा
सक्षम प्राधिकारी द्वारा समय-समय पर अधिसूचित अन्य स्रोत या प्रक्रियायें।
निर्माता/आपूर्तिकर्ता का लायसेंसीकरण
यद्यपि अधिकतर लायसेंस/अनुमतियां, अंतिम प्रयोक्ता के लिये आवश्यक होती है परंतु उपकरण/युक्ति का डिज़ाइन अनुमोदन तथा टाईप अनुमोदन (प्रोटोटाईप अनुमोदन) निर्माता/ आपूर्तिकर्ता द्वारा प्राप्त करना आवश्यक है। नैदानिक एक्स-रे उपकरणों तथा न्यूक्लियानिक गेजों के निर्माताओं को सुविधा स्थापित करने के लिये लायसेंस प्राप्त करना आवश्यक है। साथ ही उपभोक्ता उत्पादों के निर्माता/ आपूर्तिकर्ताओं द्वारा निर्माण/ आपूर्ति के लिये लायसेंस प्राप्त करना आवश्यक है।
निम्न गतिविधियों वाली विकिरण सुविधाओं के लिये नियामक अनुमति प्रक्रिया :
विकिरण युक्तियों तथा रेडियोसक्रिय पदार्थों के परिवहन के पैकेज़ों के टाईप अनुमोदन का परीक्षण करना ताकि राष्ट्रीय नियामक आवश्यकताओं के अनुपालन को सुनिश्चित किया जा सके।
विकिरण युक्तियों तथा रेडियोसक्रिय पदार्थों के परिवहन के पैकेज़ों के लिये टाईप अनुमोदन प्रमाणपत्र जारी करना।
विकिरण संरक्षा की दृष्टि से विकिरण संस्थापनों के विन्यास का अनुमोदन।
विकिरण संरक्षा अधिकारी का अनुमोदन जारी करना।
विकिरण स्रोतों तथा विकिरण जनक उपकरणों के प्रयोक्ताओं को लायसेंस/ प्राधिकार/ पंजीकरण जारी करना।
विकिरण सुविधा के विकमीशनन तथा भुक्तशेष/अनुपयुक्त स्रोतों के निपटान के लिये परिवहन का प्राधिकार जारी करना।
अनुपालन को सुनिश्चित करने के लिये विकिरण संस्थापनों, युक्तियों तथा रेडियोसक्रिय पदार्थ युक्त पैकेज़ों का निरीक्षण।
अत्यधिक उद्भासन सहित असामान्य घटनाओं की जांच।
एईआरबी ने विकिरण अनुप्रयोगों के इलेक्ट्रानिक लायसेंसीकरण के लिये e-LORA नामक तंत्र का विकास किया है जिसके द्वारा प्रयोक्ता अपने आवेदन व संबंधित दस्तावेज़ जमा करा सकते हैं। इस तंत्र में विकिरण का प्रयोग करने वाली सभी प्रकार की सुविधाओं व गतिविधियों तथा उनकी नियामक आवश्यकताओं के बारे में विवरण दिया गया है। विकिरण के नैदानिक उपयोग (जैसे एक्स-रे मशीनें, कंप्यूटेड टोमोग्राफी मशीनें, कैथ-लैब उपकरण, C-आर्म, स्तन-चित्रण मशीनें, सामान्य उपयोग की औद्योगिक रेडियोग्राफी मशीनें, आदि) तथा चिकित्सा उपयोग (जैसे रेडियोथेरेपी, नाभिकीय औषध तथा रेडियोइम्यूनोएस्से, आदि) इस आन-लाइन तंत्र में शामिल किये गये हैं। e-LORA वेब पोर्टल में अनुमति प्रक्रिया का विस्तृत विवरण दिया गया है।
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नियामक भवन अणुशक्तिनगर,,
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एईआरबी का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि भारत में आयनीकारक विकिरण तथा नाभिकीय ऊर्जा के कारण लोगों के स्वास्थ्य एवं पर्यावरण को किसी भी प्रकार का अवांछित जोखिम न हो ।
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लायसेंसीकरण/अनुमति प्रदान करना
नियामक कार्य के लिये ‘अनुमति’ शब्द में ‘लायसेंस’, ‘प्राधिकरण’, ‘अनुमोदन’, ‘पंजीकरण’ तथा ‘प्रमाणन’ आदि शामिल हैं।
अनुमति प्रक्रिया में पहले नियामक आवश्यकताओं के अनुपालन की जांच के लिये संरक्षा समीक्षा की जाती है तथा संतोषजनक अनुपालन के बाद, स्थल चयन, निर्माण, कमीशनन, प्रचालन व विकमीशनन आदि विभिन्न चरणों के लिये अनुमति जारी की जाती है।
अनुमति प्रक्रिया के लिये किसी सुविधा या गतिविधि से संबंधित जोखिम के आधार पर क्रमिक विधि अपनायी जाती है। यह क्रमिक विधि, विभिन्न सुविधाओं के जोखिम स्तर के अनुरूप विभिन्न चरणों में पर्याप्त संरक्षा समीक्षा सुनिश्चित करती है।
एईआरबी, परमाणु ऊर्जा विभाग की इकाइयों में परमाणु ऊर्जा अधिनियम के खंड 23 तथा फैक्ट्रीज़ अधिनियम, 1948 के प्रावधानों को लागू करता है। अत: एईआरबी परमाणु ऊर्जा क्षेत्र में कार्यरत फैक्ट्रियों को लायसेंस जारी करता है।
विभिन्न सुविधाओं व गतिविधियों के लायसेंसीकरण से संबंधित विवरण निम्न विस्तार-शील योजकों (links) में दिया गया है।
नाभिकीय सुविधाओं का लायसेंसीकरण
नाभिकीय सुविधाओं के लायसेंसीकरण में उनके जीवनकाल के विभिन्न चरणों जैसे स्थल चयन, निर्माण, कमीशनन, प्रचालन व विकमीशनन आदि के लिये अनुमति जारी की जाती है। इन बड़े चरणों को विभिन्न उपचरणों में बांटा जाता है तथा प्रत्येक उपचरण के लिये अनुमति आवश्यक होती है।
निर्माण की अनुमति
इस चरण में प्रस्तावित नाभिकीय सुविधा की डिज़ाइन की समीक्षा भी शामिल हे। इसमें विभिन्न तंत्रों, संयंत्र विन्यास, संरचनाओं, उनके डिज़ाइन आधार, नाभिकीय तंत्रों, विद्युतीय तंत्रों, यंत्रीकरण व नियंत्रण तंत्रों, संरक्षा तंत्रों, सामान्य सेवा तंत्रों तथा अपशिष्ट निपटान तंत्रों, विकिरण संरक्षण, रेडियोसक्रिय अपशिष्ट प्रबंधन पहलुओं तथा गुणवत्ता आश्वासन आदि की डिज़ाइन समीक्षा की जाती है।
स्थल चयन की अनुमति
स्थल चयन की अनुमति के लिये प्रस्तावित नाभिकीय सुविधा के लिये स्थल की उपयुक्तता तथा इंजीनियरीकरण की क्षमता को सुनिश्चित किया जाता है। इस प्रक्रिया में स्थल सुविधा की अंतर्क्रिया (संयंत्र का स्थल पर प्रभाव तथा स्थल का संयंत्र पर प्रभाव) तथा आपाती कार्यवाही लागू करने की उपयुक्तता की समीक्षा की जाती है।
संतोषजनक समीक्षा के लिये भूतकनीकी, जलभूगर्भिकी, रेडियोसक्रियता प्रभाव का आकलन प्राकृतिक पृष्ठभूमिक विकिरण, मृदा लक्षण, आसपास के क्षेत्रों का मानचित्रण आदि; अध्ययन आवश्यक होते हैं।
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कमीशनन के लिये लायसेंस/अनुमति
कमीशनन चरण में डिज़ाइन के कार्य निष्पादन की जांच आवश्यक होती है। इस प्रक्रिया में ये परीक्षण किये जाते है कि डिज़ाइन किये गये व स्थापित तंत्र अपेक्षा के अनुरूप कार्य करते हैं। एईआरबी सुनिश्चित करता हे कि सभी संरक्षा तंत्रों व संरचनाओं की जांच व परीक्षा अनुमोदित योजना के अनुसार किया गया है। एईआरबी कमीशनन की अनुमति से पूर्व संरक्षा तंत्रों व संरचनाओं के कार्यनिष्पादन की परीक्षण रिपोर्टों की समीक्षा भी करता है।
प्रचालन लायसेंस
संतोषप्रद कमीशनन तथा सुविधा के सुरक्षित प्रचालन के लिये सभी तकनीकी व प्रशासनिक तंत्रों की उपलब्धता से आश्वस्त होने के बाद एईआरबी निर्धारित प्रतिबंधों के साथ प्रचालन लायसेंस जारी करता है। लायसेंसधारक इन्हीं प्रतिबंधों के अंतर्गत सुविधा का प्रचालन कर सकता है। संरक्षा समीक्षा व आकलन के एक अंग के रूप में लायसेंस की अवधि के दौरान भी तकनीकी व प्रशासनिक उपायों द्वारा विभिन्न पहलुओं का निरंतर मानीटरन किया जाता है। लायसेंस एक निश्चित अवधि (सामान्यत: 5 वर्ष) के लिये जारी किया जाता है। इस अवधि की समाप्ति से पहले लायसेंसधारक को एईआरबी द्वारा निर्दिष्ट आवश्यक विवरण प्रस्तुत करके लायसेंस का नवीनीकरण करवाना पड़ता है।
विकमीशनन की अनुमति
विकमीशनन का अर्थ है – सुविधा के जीवनकाल के अंत में कार्मिकों, जनता के स्वास्थ्य व संरक्षा तथा पर्यावरण संरक्षण का ध्यान रखते हुए उसे सेवा से निवृत्त कर देना अर्थात भविष्य में उसका कोई उपयोग न होना। इस कार्य में सुविधा को एक अनुमोदित रणनीति (तुरंत या विलंबित) के अनुसार विघटित करना शामिल है। कार्मिकों, जनता व पर्यावरण की संरक्षा को सुनिश्चित करने के लिये एईआरबी, सुविधा के इस चरण के लिये लायसेंस जारी करता है।
विकिरण सुविधाओं का लायसेसीकरण
मानवजाति के लिये विकिरण का लाभकारी उपयोग करनेके लिये अनेक प्रकार के स्रोतों व युक्तियों का प्रयोग किया जाता है। इन युक्तियों में जोखि़म की संभावना अलग इलग होती है; अत: अनुमति की पूर्व आवश्यकतायें भी अलग अलग होती है। अत:, सुविधा/गतिविधि में जोखिम के प्रकार के अनुसार अनुमति भी कई रूपों में जारी की जाती है। इस अनुमति प्रक्रिया में उद्देश्य निम्नलिखित हैं – केवल सामाजिक तथा/अथवा वैयक्तिक लाभ की प्रक्रियाओं की आज्ञा देना, सभी नाभिकीय/विकिरण सुविधाओं में विकिरण संरक्षा का इष्टतमीकरण, कार्मिकों व आस पास की जनता को मिलने वाली विकिरण डोज़ को निर्दिष्ट सीमा के अंदर रखना तथा दुर्घटनावश उद्भासन की संभावना को स्वीकार्य निम्न स्तर तक रखना। इस प्रक्रिया में डिज़ाइन संरक्षा परीक्षण के बाद विकिरण अनुप्रयोग की मशीनों/उपकरणों का अनुमोदन तथा सुविधा के विन्यास व परिरक्षण पर्याप्तता आदि के अनुपालन की जांच के बाद उन मशीनों/उपकरणों का प्रयोग करने वाली सुविधा को अनुमति देना शामिल है।
प्रक्रिया/सुविधा के प्रकार के आधार पर निम्न प्रकार की विभिन्न नियामक अनुमतियाँ जारी की जाती है :
निम्न सुविधाओं को लायसेंस के रूप में अनुमति जारी की जाती है –
गामा किरणन कक्षों के अतिरिक्त अन्य भूमि स्थित उच्च तीव्रता गामा किरणक;
अनुसंधान व औद्योगिक उपयोग के कणीय त्वरक;
न्यूट्रान जनित्र;
रेडियोसक्रिय पदार्थों या विकिरण जनक उपकरणों का व्यवसायिक उत्पादन करने वाली सुविधायें;
विकिरण चिकित्सा में प्रयुक्त टेलीगामा तथा त्वरक;
कंप्यूटेड टोमोग्राफी इकाईयां;
हस्तक्षेपी विकिरणी एक्स-रे इकाईयां;
औद्योगिक रेडियोग्राफी; तथा
सक्षम प्राधिकारी द्वारा समय समय पर अधिसूचित अन्य स्रोत या प्रक्रियायें।
निम्न सुविधाओं के प्राधिकार के रूप में लायसेंस जारी किया जाता है :
ब्रेकीथेरेपी;
गहरे एक्स–रे उपकरण, सतही व संपर्क चिकित्सा के एक्स–रे उपकरण;
गामा किरणन कक्ष;
नाभिकीय चिकित्सा सुविधायें;
न्यूक्लियानिक गेजों व रेडियोसक्रिय पदार्थों वाले उपभोक्ता उत्पादों के व्यवसायिक उत्पादन की सुविधायें; तथा
सक्षम प्राधिकारी द्वारा समय-समय पर अधिसूचित अन्य स्रोत या प्रक्रियायें।
निम्न सुविधाओं को पंजीकरण के रूप में लायसेंस जारी किया जाता है:
चिकित्सा अनुकारक सहित नैदानिक एक्स–रे उपकरण;
अनुसंधान में प्रयुक्त विश्लेषणात्मक एक्स–रे उपकरण;
न्यूक्लियानिेक गेज;
रेडियोइम्यूनोएस्से प्रयोगशालायें;
अनुरेखक अध्ययन के रेडियोसक्रिय स्रोत;
रेडियोसक्रिय पदार्थों के उपयोग द्वारा जैवचिकित्सा अनुसंधान; तथा
सक्षम प्राधिकारी द्वारा समय-समय पर अधिसूचित अन्य स्रोत या प्रक्रियायें।
म्न सुविधाओं को अनुमति के रूप में लायसेंस जारी किया जाता है :
विकिरण सुविधा के स्थल चयन, डिज़ाइन, निर्माण, कमीशनन, प्रचालन एवं विकमीशनन का अनुमोदन;
सीलबंद स्रोतों, विकिरण मानक उपकरणों तथा रेडियोसक्रिय स्रोत युक्त उपकरणों के उत्पादन व आपूर्ति का अनुमोदन;
रेडियोसक्रिय पदार्थों के परिवहन के लिये पैकेज़ों का अनुमोदन;
रेडियोसक्रिय प्रेषणों को भेजने का अनुमोदन; तथा
सक्षम प्राधिकारी द्वारा समय-समय पर अधिसूचित अन्य स्रोत या प्रक्रियायें।
निर्माता/आपूर्तिकर्ता का लायसेंसीकरण
यद्यपि अधिकतर लायसेंस/अनुमतियां, अंतिम प्रयोक्ता के लिये आवश्यक होती है परंतु उपकरण/युक्ति का डिज़ाइन अनुमोदन तथा टाईप अनुमोदन (प्रोटोटाईप अनुमोदन) निर्माता/ आपूर्तिकर्ता द्वारा प्राप्त करना आवश्यक है। नैदानिक एक्स-रे उपकरणों तथा न्यूक्लियानिक गेजों के निर्माताओं को सुविधा स्थापित करने के लिये लायसेंस प्राप्त करना आवश्यक है। साथ ही उपभोक्ता उत्पादों के निर्माता/ आपूर्तिकर्ताओं द्वारा निर्माण/ आपूर्ति के लिये लायसेंस प्राप्त करना आवश्यक है।
निम्न गतिविधियों वाली विकिरण सुविधाओं के लिये नियामक अनुमति प्रक्रिया :
विकिरण युक्तियों तथा रेडियोसक्रिय पदार्थों के परिवहन के पैकेज़ों के टाईप अनुमोदन का परीक्षण करना ताकि राष्ट्रीय नियामक आवश्यकताओं के अनुपालन को सुनिश्चित किया जा सके।
विकिरण युक्तियों तथा रेडियोसक्रिय पदार्थों के परिवहन के पैकेज़ों के लिये टाईप अनुमोदन प्रमाणपत्र जारी करना।
विकिरण संरक्षा की दृष्टि से विकिरण संस्थापनों के विन्यास का अनुमोदन।
विकिरण संरक्षा अधिकारी का अनुमोदन जारी करना।
विकिरण स्रोतों तथा विकिरण जनक उपकरणों के प्रयोक्ताओं को लायसेंस/ प्राधिकार/ पंजीकरण जारी करना।
विकिरण सुविधा के विकमीशनन तथा भुक्तशेष/अनुपयुक्त स्रोतों के निपटान के लिये परिवहन का प्राधिकार जारी करना।
अनुपालन को सुनिश्चित करने के लिये विकिरण संस्थापनों, युक्तियों तथा रेडियोसक्रिय पदार्थ युक्त पैकेज़ों का निरीक्षण।
अत्यधिक उद्भासन सहित असामान्य घटनाओं की जांच।
एईआरबी ने विकिरण अनुप्रयोगों के इलेक्ट्रानिक लायसेंसीकरण के लिये e-LORA नामक तंत्र का विकास किया है जिसके द्वारा प्रयोक्ता अपने आवेदन व संबंधित दस्तावेज़ जमा करा सकते हैं। इस तंत्र में विकिरण का प्रयोग करने वाली सभी प्रकार की सुविधाओं व गतिविधियों तथा उनकी नियामक आवश्यकताओं के बारे में विवरण दिया गया है। विकिरण के नैदानिक उपयोग (जैसे एक्स-रे मशीनें, कंप्यूटेड टोमोग्राफी मशीनें, कैथ-लैब उपकरण, C-आर्म, स्तन-चित्रण मशीनें, सामान्य उपयोग की औद्योगिक रेडियोग्राफी मशीनें, आदि) तथा चिकित्सा उपयोग (जैसे रेडियोथेरेपी, नाभिकीय औषध तथा रेडियोइम्यूनोएस्से, आदि) इस आन-लाइन तंत्र में शामिल किये गये हैं। e-LORA वेब पोर्टल में अनुमति प्रक्रिया का विस्तृत विवरण दिया गया है।
विजिटर काउण्ट :
3238180
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कार्य का समय
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