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ऊंस की प्रशंसा में - लुओ बिनवांग

咏鹅
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Synopsis

"हंस की प्रशंसा" प्रारंभिक तांग राजवंश के कवि लुओ बिनवांग द्वारा सात वर्ष की आयु में रचित एक कविता है, "हंस, हंस, हंस, टेढ़ी गर्दन कर आकाश की ओर गाते हैं," यह चीनी बच्चों द्वारा सबसे पहले सीखी जाने वाली प्राचीन कविताओं में से एक है।

अवलोकन

"हंस की प्रशंसा" प्रारंभिक तांग राजवंश के कवि लुओ बिनवांग की प्रतिनिधि रचना है। कहा जाता है कि यह कविता लुओ बिनवांग द्वारा सात वर्ष की आयु में लिखी गई थी, जो पानी में एक सफेद हंस के निश्चिंत और आनंदमय रूप का वर्णन करती है। यह चीनी बच्चों द्वारा सबसे पहले सीखी और याद की जाने वाली प्राचीन कविताओं में से एक है।

मूल पाठ

हंस, हंस, हंस,
टेढ़ी गर्दन आकाश से गाती।
सफेद पर हरे पानी पर तैरते,
लाल पंजे स्वच्छ लहरें चलाते।

विश्लेषण

हंस, हंस, हंस, उसकी टेढ़ी गर्दन आकाश की ओर करके गाती है। सफेद पंख हरे पानी की सतह पर तैरते हैं, और लाल पंजे साफ पानी की लहरों को चलाते हैं। पूरी कविता की भाषा सरल, स्पष्ट और जीवंत है, जो बाल-सुलभ रुचि से भरी है और पानी में हंस के निश्चिंत व आनंदमय रूप को बहुत ही जीवंत तरीके से चित्रित करती है।

लेखक परिचय

विषय विवरण
नाम लुओ बिनवांग (लगभग 619-687 ईस्वी)
राजवंश प्रारंभिक तांग राजवंश
प्रतिनिधि कृति हंस की प्रशंसा

संदर्भ सामग्री

  1. "क्वान तांग शि" खंड 77
  2. पेंग डिंगकिउ द्वारा संपादित "क्वान तांग शि"

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