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लुशान झरना देखते हुए — ली बाई

望庐山瀑布
Year
725
Views
58

Synopsis

तांग राजवंश के कवि ली बाई द्वारा रचित सात-शब्दों वाली कविता "वांग लुशान पुबु" (लुशान झरने को देखते हुए) लुशान झरने के भव्य दृश्य का वर्णन करती है और ली बाई की सबसे प्रसिद्ध प्रकृति कविताओं में से एक है।

अवलोकन

"लुशान झरना देखना" तांग राजवंश के महान कवि ली बाई द्वारा रचित एक सात-शब्दों की कविता है। यह कविता जियांग्शी प्रांत में स्थित लुशान झरने के भव्य दृश्य का वर्णन करती है। यह ली बाई की सबसे प्रसिद्ध पर्वत-जल कविताओं में से एक है, और चीनी शास्त्रीय कविता की सबसे प्रसिद्ध प्राकृतिक दृश्य वर्णन कविताओं में से भी एक है।

मूल पाठ

日照香炉生紫烟,遥看瀑布挂前川。
飞流直下三千尺,疑是银河落九天।

काव्य विश्लेषण

पंक्ति अर्थ
日照香炉生紫烟 धूप के प्रकाश में, ज़ियांगलू चोटी से बैंगनी धुंध उठती है
遥看瀑布挂前川 दूर से देखने पर, झरना पहाड़ के सामने एक सफेद रिबन की तरह लटका हुआ दिखता है
飞流直下三千尺 पानी तीन हज़ार फीट ऊंचाई से सीधा नीचे गिर रहा है
疑是银河落九天 ऐसा लगता है मानो आकाशगंगा नौ आकाशों से नीचे गिर रही हो

रचना पृष्ठभूमि

ली बाई ने लगभग 725 ईस्वी में लुशान की यात्रा के दौरान यह कविता लिखी। लुशान जियांग्शी प्रांत के जियूजियांग शहर में स्थित है और चीन की सबसे प्रसिद्ध पहाड़ियों में से एक है। ज़ियांगलू चोटी लुशान की एक प्रसिद्ध चोटी है, जिसका नाम इसके धूपदान के आकार के कारण पड़ा है।

कलात्मक विशेषताएं

यह कविता अपनी अतिशयोक्तिपूर्ण रोमांटिक शैली के लिए प्रसिद्ध है। "飞流直下三千尺,疑是银河落九天" एक शाश्वत प्रसिद्ध पंक्ति है, जो झरने की तुलना आकाश से गिरती आकाशगंगा से करती है। कल्पना अद्भुत और भव्य है।

संदर्भ सामग्री

  1. "क्वान तांग शि" खंड 181
  2. ली बाई जीवनी: https://baike.baidu.com/item/李白
  3. लुशान परिचय: https://baike.baidu.com/item/庐山

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